जितेन्द्र मित्तल स्मृति नाट्य समारोह
जितेंद्र मित्तल स्मृति समारोह (जिसे जितेंद्र मित्तल स्मृति नाट्य समारोह भी कहा जाता है) लखनऊ में हर साल आयोजित होने वाला तीन दिवसीय रंगमंच उत्सव है। इसका आयोजन सांस्कृतिक संस्था यायावर रंगमंडल द्वारा किया जाता है। यह समारोह दिवंगत रंगकर्मी, लेखक और निर्देशक जितेंद्र मित्तल जी की स्मृति में होता है।
यह उत्सव जितेंद्र मित्तल जी के रंगमंच के प्रति योगदान और उनकी विरासत को सम्मान देने के उद्देश्य से आयोजित किया जाता है। वे यायावर रंगमंडल से जुड़े एक वरिष्ठ रंगकर्मी थे और इसके संस्थापक सदस्यों में शामिल थे। इस समारोह के माध्यम से उनके रंगकर्म और विचारों को आगे बढ़ाया जाता है।
इस नाट्य समारोह में देश और क्षेत्र के विभिन्न कलाकार, निर्देशक, अभिनेता, लेखक और तकनीशियन हिस्सा लेते हैं। उन्हें अपने समकालीन नाट्य प्रस्तुतियों को मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है। यह उत्सव रंगकर्मियों और दर्शकों के बीच संवाद और जुड़ाव का एक महत्वपूर्ण मंच है।
यायावर रंगमंडल एक पंजीकृत सांस्कृतिक संस्था है, जिसकी स्थापना वर्ष 1991 में लखनऊ, उत्तर प्रदेश में हुई थी। यह संस्था रंगमंच, कला, संस्कृति और सामाजिक गतिविधियों से जुड़ी हुई है। इसके मुख्य कार्यकारी के रूप में जितेंद्र कुमार मित्तल जी का नाम दर्ज है और पुनीत मित्तल इसके सक्रिय सदस्यों में शामिल हैं।
यह समारोह आमतौर पर तीन दिनों तक चलता है और प्रायः सितंबर माह में आयोजित किया जाता है। इसमें शास्त्रीय नाटकों से लेकर आधुनिक और समकालीन नाट्य प्रस्तुतियाँ मंचित की जाती हैं। इसका उद्देश्य जितेंद्र मित्तल जी के रंगमंचीय योगदान को याद करना और नए कलाकारों को पहचान दिलाना है।
यह नाट्य समारोह लखनऊ के सबसे प्रतीक्षित सांस्कृतिक आयोजनों में से एक माना जाता है। इसमें हर साल बड़ी संख्या में कलाकार और रंगमंच प्रेमी भाग लेते हैं और यह क्षेत्रीय रंगमंच को नई ऊर्जा देता है।
जितेंद्र मित्तल जी एक वरिष्ठ रंगकर्मी, निर्देशक और नाटक लेखक थे। उन्होंने भारतीय रंगमंच में विशेष रूप से सामुदायिक रंगमंच के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने 250 से अधिक नाट्य स्क्रिप्ट लिखीं और अनेक युवा कलाकारों को प्रशिक्षण देकर आगे बढ़ने का अवसर दिया। उनकी स्मृति में आयोजित यह समारोह उनके रंगकर्म को जीवित रखने का एक सशक्त माध्यम है।
यह उत्सव जितेंद्र मित्तल जी के रंगमंच के प्रति योगदान और उनकी विरासत को सम्मान देने के उद्देश्य से आयोजित किया जाता है। वे यायावर रंगमंडल से जुड़े एक वरिष्ठ रंगकर्मी थे और इसके संस्थापक सदस्यों में शामिल थे। इस समारोह के माध्यम से उनके रंगकर्म और विचारों को आगे बढ़ाया जाता है।
इस नाट्य समारोह में देश और क्षेत्र के विभिन्न कलाकार, निर्देशक, अभिनेता, लेखक और तकनीशियन हिस्सा लेते हैं। उन्हें अपने समकालीन नाट्य प्रस्तुतियों को मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है। यह उत्सव रंगकर्मियों और दर्शकों के बीच संवाद और जुड़ाव का एक महत्वपूर्ण मंच है।
यायावर रंगमंडल एक पंजीकृत सांस्कृतिक संस्था है, जिसकी स्थापना वर्ष 1991 में लखनऊ, उत्तर प्रदेश में हुई थी। यह संस्था रंगमंच, कला, संस्कृति और सामाजिक गतिविधियों से जुड़ी हुई है। इसके मुख्य कार्यकारी के रूप में जितेंद्र कुमार मित्तल जी का नाम दर्ज है और पुनीत मित्तल इसके सक्रिय सदस्यों में शामिल हैं।
यह समारोह आमतौर पर तीन दिनों तक चलता है और प्रायः सितंबर माह में आयोजित किया जाता है। इसमें शास्त्रीय नाटकों से लेकर आधुनिक और समकालीन नाट्य प्रस्तुतियाँ मंचित की जाती हैं। इसका उद्देश्य जितेंद्र मित्तल जी के रंगमंचीय योगदान को याद करना और नए कलाकारों को पहचान दिलाना है।
यह नाट्य समारोह लखनऊ के सबसे प्रतीक्षित सांस्कृतिक आयोजनों में से एक माना जाता है। इसमें हर साल बड़ी संख्या में कलाकार और रंगमंच प्रेमी भाग लेते हैं और यह क्षेत्रीय रंगमंच को नई ऊर्जा देता है।
जितेंद्र मित्तल जी एक वरिष्ठ रंगकर्मी, निर्देशक और नाटक लेखक थे। उन्होंने भारतीय रंगमंच में विशेष रूप से सामुदायिक रंगमंच के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने 250 से अधिक नाट्य स्क्रिप्ट लिखीं और अनेक युवा कलाकारों को प्रशिक्षण देकर आगे बढ़ने का अवसर दिया। उनकी स्मृति में आयोजित यह समारोह उनके रंगकर्म को जीवित रखने का एक सशक्त माध्यम है।
